Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकौन सा वà¥à¤°à¤¤ करना चाहिठ| तेजसà¥à¤µà¥€ पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के उपाय
पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकौन सा वà¥à¤°à¤¤ करना चाहिठ| तेजसà¥à¤µà¥€ पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के उपाय – दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ आज हम आपको इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल के माधà¥à¤¯à¤® से पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठजो वà¥à¤°à¤¤ बताने जा रहे हैं. उसके समान दूसरा कोई पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठवà¥à¤°à¤¤ नही हैं. जिन दंपति को संतान होने में बाधाà¤à¤‚ आती है. या फिर जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ की कामना हो उनके मन की इचà¥à¤›à¤¾ इस वà¥à¤°à¤¤ से पूरी होती हैं.
तो चलो हम बताते है की पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकौन सा वà¥à¤°à¤¤ करना चाहिà¤. और वà¥à¤°à¤¤ करने की विधि तथा पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के और à¤à¥€ टॉपिक हम इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में कवर करेगे.
Table of Contents
पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकौन सा वà¥à¤°à¤¤ करना चाहिà¤
पà¥à¤¤à¥à¤°à¤¦à¤¾ à¤à¤•ादशी वà¥à¤°à¤¤ कैसे करे
तेजसà¥à¤µà¥€ पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के उपाय
पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठनारियल का बीज कब खाना चाहिà¤
शिव पà¥à¤°à¤¾à¤£ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के उपाय
पहला उपाय–
दूसरा उपाय–
तीसरा उपाय–
निषà¥à¤•रà¥à¤·
पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठकौन सा वà¥à¤°à¤¤ करना चाहिà¤
पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठपà¥à¤¤à¥à¤°à¤¦à¤¾ à¤à¤•ादशी का वà¥à¤°à¤¤ करना चाहिà¤. पौष माह की शà¥à¤•à¥à¤² पकà¥à¤· à¤à¤•ादशी को ही पà¥à¤¤à¥à¤°à¤¦à¤¾ à¤à¤•ादशी माना जाता हैं. इस वà¥à¤°à¤¤ में à¤à¤—वान विषà¥à¤£à¥ पूजा-अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ à¤à¤µà¤‚ उपसना की जाती हैं. संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठयह वà¥à¤°à¤¤ सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¤® माना जाता हैं.
मानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इस वà¥à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ से सà¥à¤–ी जीवन के बाद मोकà¥à¤· की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती हैं. पà¥à¤¤à¥à¤°à¤¦à¤¾ à¤à¤•ादशी के वà¥à¤°à¤¤ से संतान के जीवन में आने वाली समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का à¤à¥€ निवारण हो जाता हैं.
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने के अचूक टोटके | पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के टोटके इन हिंदी
पà¥à¤¤à¥à¤°à¤¦à¤¾ à¤à¤•ादशी वà¥à¤°à¤¤ कैसे करे
जो à¤à¤•à¥à¤¤ यह वà¥à¤°à¤¤ का आरंठकरना चाहते है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤•ादशी के पहले अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤ दशमी तिथि की रातà¥à¤°à¤¿ से ही नियम का पालन करना होता हैं. दशमी के दिन सूरà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¥à¤¤ के बाद à¤à¥‹à¤œà¤¨ गà¥à¤°à¤¹à¤£ नहीं करना है. और सोने से पहले à¤à¤—वान विषà¥à¤£à¥ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ करके सोना हैं.
अब à¤à¤•ादशी के दिन सà¥à¤¬à¤¹ उठकर सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ आदि करके शà¥à¤¦à¥à¤§ वसà¥à¤¤à¥à¤° पहनकर कर à¤à¤—वान विषà¥à¤£à¥ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ करना हैं.
अब आपको इस वà¥à¤°à¤¤ का संकलà¥à¤ª लेना है. इस के लिठआपको à¤à¤—वान विषà¥à¤£à¥ की फोटो के सामने दीपक जलाना है. और वà¥à¤°à¤¤ के लिठसंकलà¥à¤ª लेना हैं.
अब लाल वसà¥à¤¤à¥à¤° से à¤à¤• कलश को बांधकर सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ करे तथा कलश की à¤à¥€ पूजा करे.
अब à¤à¤—वान विषà¥à¤£à¥ की विधिवत तरीके से पूजा करे. उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ धà¥à¤ª दीप करे तथा आरती करके पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤¦ चà¥à¤¾à¤ और लोगो में वितरण करे.
à¤à¤—वान विषà¥à¤£à¥ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤®à¤¾ के आगे फल, फà¥à¤², नारियल, पान, सà¥à¤ªà¤¾à¤°à¥€, बेर, आवला, लौंग आदि अरà¥à¤ªà¤¿à¤¤ करे.
à¤à¤•ादशी की रातà¥à¤°à¤¿ को à¤à¤—वान का à¤à¤œà¤¨ कीरà¥à¤¤à¤¨ करे.
पà¥à¤°à¥‡ दिन का कारà¥à¤¯ पूरà¥à¤£ होने के बाद कथा आदि सà¥à¤¨à¤•र फलाहार करे.
दà¥à¤¸à¤°à¥‡ दिन बà¥à¤°à¤¾à¤¹à¥à¤®à¤£ को à¤à¥‹à¤œà¤¨ तथा दकà¥à¤·à¤¿à¤£à¤¾ अवशà¥à¤¯ देनी चाहिà¤. उसके पशà¥à¤šà¤¾à¤¤ ही आप à¤à¥‹à¤œà¤¨ करे.
काला गोरा à¤à¥ˆà¤°à¤µ शाबर मंतà¥à¤° | काल à¤à¥ˆà¤°à¤µ शाबर मंतà¥à¤° इन हिंदी
इस तरीके से पà¥à¤¤à¥à¤°à¤¦à¤¾ à¤à¤•ादशी का वà¥à¤°à¤¤ करना चाहिà¤. इस वà¥à¤°à¤¤ के पूणà¥à¤¯ से मनà¥à¤·à¥à¤¯ विदà¥à¤µà¤¾à¤¨, पà¥à¤¤à¥à¤°à¤µà¤¾à¤¨, तपसà¥à¤µà¥€ तथा लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€à¤µà¤¾à¤¨ होता हैं.
तेजसà¥à¤µà¥€ पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के उपाय
तेजसà¥à¤µà¥€ पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठआप नीचे दिया गया उपाय करे.
यह पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— आपको गरà¥à¤®à¥€ के मौसम में करना हैं. जिस सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ का गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ हो गया है. उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤®à¥€ के मौसम में 100 मिलीलीटर दूध लेना है. और उसमे 100 मिलीलीटर पानी मिलाके के मिकà¥à¤¸ कर ले. अब उसे à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š गाय के दूध से पीले. यह पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करने के दो घंटे पहले या दो घंटे बाद कà¥à¤› नहीं खाà¤à¤‚. यह पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करने से तेजसà¥à¤µà¥€ पà¥à¤¤à¥à¤° की पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होगी.
रà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤•à¥à¤· का पानी पीने के फायदे | रà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤•à¥à¤· की माला पहनने के नियम, फायदे और कीमत
पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के लिठनारियल का बीज कब खाना चाहिà¤
अगर आप à¤à¥€ चाहते है पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ तो सोमवार के दिन यह उपाय करे. सबसे पहले नारियल या नारियल का बिज लेना हैं. सोमवार के दिन सà¥à¤¬à¤¹ उठकर सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ आदि करने के बाद ओम “नम: शिवाय मंतà¥à¤°â€ का à¤à¤• माला जाप करे. अब à¤à¤—वान शिव से सचà¥à¤šà¥‡ मन से पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¨à¤¾ करे.
अब नारियल या नारियल के बिज को शिवलिंग पास चà¥à¤¾à¤. तथा उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ घी का दीपक जलाठऔर “ओम नम: शिवाय†मंतà¥à¤° का सचà¥à¤šà¥‡ मन से पाठकरे. इसके बाद शाम के समय नारियल या नारियल के बिज को गंगाजल à¤à¤°à¥‡ पातà¥à¤° में डाल दे.
ॠकाली कंकाली महाकाली मंतà¥à¤° की महिमा जाने
अब à¤à¤¸à¥‡ ही छोड़ दे अगले दिन मंगलवार को हनà¥à¤®à¤¾à¤¨ जी का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ करते हà¥à¤ निहार मà¥à¤¹à¤‚ गाय के दूध के साथ नारियल बिज खा ले. लेकिन आपको धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना है की नारियल बिज आपको सीधा निगलना हैं उसे चबाना नहीं हैं. यह उपाय आप सोमवार के दिन ही कर सकते है.
शिव पà¥à¤°à¤¾à¤£ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ के उपाय
शिव पà¥à¤°à¤¾à¤£ में लिखे अनà¥à¤¸à¤¾à¤° नीचे दिठगठउपाय करने से पà¥à¤¤à¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती हैं.
पहला उपाय–
कदली के पेड़ के नीचे बालमà¥à¤•à¥à¤‚द à¤à¤—वान की पूजा करे. तथा उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गà¥à¤¡ और चने का à¤à¥‹à¤— लगाà¤. यह उपाय 21 गà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤° तक करने से संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती हैं.
दूसरा उपाय–
11 पà¥à¤°à¤¦à¥‹à¤· का वà¥à¤°à¤¤ करना चाहिà¤. पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• पà¥à¤°à¤¦à¥‹à¤· को à¤à¤—वान शिव का रà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤à¤¿à¤·à¥‡à¤• करे. इस उपाय से संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती हैं.
तीसरा उपाय–
गरीब बालक-बालिकाओं को गोद ले उनके पढाई कराठतथा पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•, खाने पीने का खरà¥à¤šà¤¾ यह सà¤à¥€ खरà¥à¤šà¤¾ दो वरà¥à¤· तक उठाà¤. इससे संतान पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¤¿ होती हैं.
दà¥à¤•ान खोलते समय कौन सा मंतà¥à¤° बोलना चाहिठ| वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤° बंधन खोलने के उपाय
दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ हम आशा करते है की आपको हमारा यह आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल अचà¥à¤›à¤¾ लगा होगा. धनà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦
मोर पंख से लड़का होने के उपाय कà¥à¤¯à¤¾ है जाने औषधि तैयार करनी की पूरी विधि
तà¥à¤²à¤¸à¥€ में दूध चढ़ाने से कà¥à¤¯à¤¾ होता है | तà¥à¤²à¤¸à¥€ का पौधा किस दिन लगाà¤à¤‚
| --------------------------- | --------------------------- |